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खरसिया के स्कूलों में साइबर जागरूकता की धूम, दो दिन में 1500 से ज्यादा विद्यार्थियों को पुलिस ने बताए ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके

खरसिया। साइबर अपराधों से बचाव को लेकर खरसिया पुलिस ने स्कूलों में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत पुलिस टीम लगातार स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ को सोशल मीडिया, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही है। दो दिनों में ही खरसिया क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में 1500 से अधिक विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के जरूरी उपाय बताए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन तथा चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। विवेकानंद कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में करीब 900 विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। वहीं शंकराचार्य स्कूल में करीब 500 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इसके अलावा लाल बहादुर शास्त्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसिया में भी पुलिस टीम ने छात्राओं से संवाद कर साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।

अनजान लिंक और मैसेज से रहें सावधान

कार्यक्रम में एसडीओपी सतीश भार्गव ने विद्यार्थियों को बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार जागरूकता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय किसी अनजान व्यक्ति, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए।

चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया कि साइबर अपराध का खतरा बच्चों और युवाओं के लिए भी बना हुआ है। उन्होंने निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड और ओटीपी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान एप डाउनलोड करने, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से बातचीत करने और ऑनलाइन लालच में आकर अपनी जानकारी साझा करने से बचने को कहा।

घटना हो तो छिपाएं नहीं, तुरंत बताएं

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ या किसी परिचित के साथ कोई संदिग्ध साइबर घटना होती है तो डरने या उसे छिपाने के बजाय तत्काल अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें। समय पर सूचना मिलने से साइबर अपराध के मामले में कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।

क्यूआर कोड के जरिए अभियान से जुड़ने की अपील

निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को “साइबर जागृति अभियान” के क्यूआर कोड के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ा जा सकता है और सेल्फी लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर जागरूकता का संदेश आगे बढ़ाया जा सकता है।

पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि साइबर जागरूकता को केवल स्कूल तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। खरसिया क्षेत्र में स्कूलों में चल रहा यह अभियान विद्यार्थियों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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