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जम्मू तक पहुंची पुसौर पुलिस, फिर बिलाईगढ़ में दबिश देकर 16 वर्षीय नाबालिग को सकुशल खोज निकाला — “अभियान संवेदना” में बड़ी सफलता, शादी का झांसा देकर भगाने वाला 22 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 10 अगस्त 2026। “अभियान संवेदना” के तहत रायगढ़ पुलिस ने गुम नाबालिग बालिका की तलाश में लगातार प्रयास करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुसौर थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय बालिका की तलाश में पुलिस टीम जम्मू तक पहुंची। इसी बीच बालिका के वापस सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में आने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी और बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया।

पुलिस के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को 16 वर्षीय बालिका घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों की तलाश के बाद 22 फरवरी को थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने पतासाजी शुरू की।

जांच के दौरान परिजनों और सहेलियों से पूछताछ तथा अन्य सूचनाओं के आधार पर बालिका के जम्मू में एक युवक के साथ होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद एसआई कुंदन लाल गौर के नेतृत्व में पुलिस टीम जम्मू रवाना हुई। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बालिका और संदेही युवक जम्मू से वापस सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में लौट आए हैं।

सूचना मिलते ही टीआई हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिलाईगढ़ स्थित संदेही युवक के घर दबिश दी, जहां से 16 वर्षीय बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाना पुसौर लाया गया।

महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष बालिका के कथन, मेडिकल रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आरोपी द्वारा शादी का प्रलोभन देकर बालिका को अपने साथ ले जाने तथा उसका यौन शोषण किए जाने की पुष्टि होने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 64(2)(एम) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी गई।

मामले में आयुष केंवट पिता सीता शरण केंवट, उम्र 22 वर्ष, थाना बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय एवं आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश

“नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी सकुशल वापसी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुमशुदगी की प्रत्येक सूचना पर पुलिस संवेदनशीलता एवं गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने एवं उनके विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

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