नवापाली हत्याकांड में हत्या के दोषी को उम्रकैद, रायगढ़ कोर्ट का फैसला; पीड़ित परिवार को ₹1 लाख क्षतिपूर्ति की अनुशंसा
रायगढ़, 23 जुलाई। रायगढ़ जिले के चर्चित नवापाली हत्याकांड में न्यायालय ने हत्या के आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने 22 जुलाई 2026 को आरोपी हरिलाल खड़िया (30) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही पीड़ित परिवार को छत्तीसगढ़ शासन की पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत ₹1 लाख की सहायता देने की अनुशंसा भी की गई।
अभियोजन के अनुसार 28 जनवरी 2024 को थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के ग्राम नवापाली में जमीन समतलीकरण के दौरान हुए विवाद में आरोपी ने विशाल सिंह ठाकुर पर कुल्हाड़ी से सिर और गर्दन पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और बाद में धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से रक्तरंजित मिट्टी, टोपी, चश्मा, चप्पल, मोटरसाइकिल सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 29 जनवरी 2024 को आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े बरामद किए गए। एफएसएल रिपोर्ट भी अभियोजन के पक्ष में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुई।
न्यायालय में अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने प्रभावी पैरवी की, जबकि तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित विवेचना प्रस्तुत की। अभियोजन ने सुनवाई के दौरान 20 गवाहों के बयान और दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।