कोतरलिया मेन रोड पर दिनदहाड़े मोबाइल झपटमारी का खुलासा, चाचा-भतीजा गिरफ्तार; लूटा गया वीवो मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त बाइक जब्त
रायगढ़। कोतरलिया मेन रोड पर दिनदहाड़े मोबाइल झपटमारी की घटना का चक्रधरनगर पुलिस ने खुलासा करते हुए चाचा-भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया वीवो मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक-22 पक्की खोली निवासी लोकेश कुमार चन्द्रा (45) ने 31 मई को थाना चक्रधरनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 30 मई की सुबह करीब 10:30 बजे वह इण्डस एनर्जी कंपनी, कोटमार ड्यूटी के लिए जा रहे थे। डीपीएस स्कूल के पास ग्राम कोतरलिया मेन रोड पर उनकी स्कूटी खराब हो गई। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पहुंचे और उनके पास रखे दो मोबाइल फोन छीनकर धक्का देते हुए फरार हो गए।
मामले में थाना चक्रधरनगर ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान साइबर तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध दिनेश यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने भतीजे शुभम यादव के साथ मिलकर झपटमारी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद भागते समय छीना गया सैमसंग मोबाइल सड़क पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे बाद में जामगांव रेलवे ट्रैक के पास गुजर रही मालगाड़ी में फेंक दिया गया। वहीं दूसरा वीवो मोबाइल उसने अपने पास छिपाकर रखा था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वीवो मोबाइल तथा दूसरे आरोपी के पास से बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त कर ली। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक संजय तिवारी, दिलीप भानु तथा आरक्षक चंद्र कुमार बंजारे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपी
- दिनेश यादव (34 वर्ष), हाल निवासी छातामुड़ा रोड, रायगढ़।
- शुभम यादव (18 वर्ष), निवासी छातामुड़ा रोड, रायगढ़।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ में लूट और झपटमारी जैसे अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। तकनीकी जांच, ह्यूमन इंटेलिजेंस और सतत विवेचना के माध्यम से ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर कानून के दायरे में लाया जाएगा तथा आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।