मोबाइल विवाद बना मौत की वजह: पत्नी की पीट-पीटकर हत्या, 48 घंटे में पति गिरफ्तार
रायगढ़, 16 जुलाई। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के मस्जिदपारा में झाड़ियों के बीच बोरी से ढका महिला का शव मिलने के सनसनीखेज मामले का रायगढ़ पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतका के पति मोहब्बत चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद के दौरान आरोपी ने लकड़ी के चौड़े पट्टे से अपनी पत्नी राजकुमारी चौहान (48 वर्ष) की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का पट्टा भी बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को मस्जिदपारा स्थित एक बाड़ी परिसर की झाड़ियों में प्लास्टिक की बोरी से ढका महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका की पहचान राजकुमारी चौहान के रूप में हुई, जो अपने पति के साथ पिछले करीब एक वर्ष से वहीं रहकर काम करती थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति-पत्नी दोनों शराब के आदी थे और आरोपी अक्सर नशे की हालत में पत्नी के साथ मारपीट करता था। गवाहों ने बताया कि 12 जुलाई की रात दोनों के बीच जोरदार विवाद और मारपीट हुई थी। अगले दिन बच्चों ने झाड़ियों में बोरी से ढका शव देखा, जबकि घटना के बाद से आरोपी फरार था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर, हाथ-पैर और बाईं कनपटी पर किसी ठोस वस्तु से गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई मौत को चिकित्सकों ने हत्यात्मक बताया। इसके आधार पर धरमजयगढ़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 238(बी) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर जांच तेज की।
पुलिस ने फरार आरोपी मोहब्बत चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी ने उसका की-पैड मोबाइल किसी के पास गिरवी रख दिया था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और गुस्से में उसने लकड़ी के चौड़े पट्टे से लगातार हमला कर दिया, जिससे पत्नी की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लकड़ी का पट्टा भी जब्त कर लिया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पूर्व में अपने ससुर की हत्या के मामले में भी जेल जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े सहित धरमजयगढ़ पुलिस की टीम ने इस हत्याकांड का त्वरित खुलासा किया।
इस मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि घरेलू हिंसा या पारिवारिक विवाद के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसक वारदात को रायगढ़ पुलिस गंभीरता से लेती है। हत्या जैसे जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर उन्हें कानून के कठघरे तक पहुंचाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।