ताजा खबरें

बड़ी खबर

ऑपरेशन क्लीन हंट की बड़ी कामयाबी : फर्जी 10वीं की अंकसूची से डाकपाल की नौकरी दिलाने वाला मास्टरमाइंड कोरबा से गिरफ्तार, लाखों की ठगी का खुलासा

रायगढ़, 14 जुलाई। रायगढ़ पुलिस के ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी 10वीं की अंकसूची तैयार कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे विनोद कुमार राठौर (47) को कोरबा से पकड़कर रायगढ़ लाया, जहां पूछताछ के बाद उसे धोखाधड़ी और कूटरचना के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इससे पहले इस प्रकरण में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती निकाली गई थी। इस दौरान सक्ती निवासी नरेन्द्र कुमार और जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने आवेदन के साथ कक्षा 10वीं की अंकसूची प्रस्तुत की, जिसके आधार पर दोनों का चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा में ग्रामीण डाक सेवक (डाकपाल) पद पर हुआ। नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन में तमिलनाडु बोर्ड से पता चला कि दोनों अंकसूचियां पूरी तरह फर्जी हैं और बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं की गई थीं।

मामले की शिकायत मिलने पर सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में दोनों अभ्यर्थियों ने बताया कि कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे संपर्क किया था। आरोपी ने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराने के एवज में लाखों रुपये की मांग की। नरेन्द्र कुमार ने उसे 3.50 लाख रुपये दिए, जबकि सोनम साहू ने नौकरी लगने के बाद भुगतान करने की सहमति दी थी। फर्जी दस्तावेजों के कारण दोनों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई और उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से लगातार फरार था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि वर्ष 2013 में नकली नोट प्रकरण में उसे 10 वर्ष की सजा हो चुकी है। जेल से रिहा होने के बाद वह दोबारा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी करने में सक्रिय हो गया था।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोरबा में छिपा हुआ है। इसके बाद सिटी कोतवाली की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह जगत, प्रधान आरक्षक मनोज मरावी तथा आरक्षक मुरली मनोहर पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरियों में प्रवेश कराने वाले गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

Leave Your Comment

Click to reload image