15 जुलाई का शिक्षक आंदोलन हुआ और बड़ा: जागरूक शिक्षक संघ का खुला समर्थन, जाकेश साहू का ऐलान— "अऊ नई सहिबो... अब हड़ताल/आंदोलन करके रहीबो"
रायपुर, 14 जुलाई। प्रदेश में 15 जुलाई को प्रस्तावित शिक्षक आंदोलन से पहले शिक्षा जगत में बड़ी हलचल मच गई है। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और आंदोलन को अपना खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "अऊ नई सहिबो... अब हड़ताल/आंदोलन करके रहीबो।" उनके इस बयान के बाद आंदोलन को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाड़ेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल सहित प्रदेश कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारियों ने राज्य के सभी शिक्षक एलबी संवर्ग से 15 जुलाई को रायपुर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों पर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के सहायक शिक्षक लंबे समय से वेतन विसंगति की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अलावा समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग की प्रथम सेवा गणना करते हुए क्रमोन्नति, पेंशन एवं अन्य सभी सेवा लाभ दिए जाने चाहिए। उनका कहना है कि इन मांगों को लेकर वर्षों से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
टीईटी की अनिवार्यता पर उठाए सवाल
जागरूक शिक्षक संघ ने सेवा में वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता का भी विरोध किया है। संगठन का कहना है कि 20 से 25 वर्ष की सफल सेवा देने वाले शिक्षकों को पुनः परीक्षा देने के लिए बाध्य करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने और केंद्र सरकार से आवश्यक कानूनी संशोधन करने की मांग की है।
वीएसके ऐप को बताया अव्यवहारिक
संगठन ने वीएसके ऐप को भी शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बताया। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के अनेक ग्रामीण और दूरस्थ विद्यालयों में मोबाइल नेटवर्क तक उपलब्ध नहीं है, ऐसे में ऐप आधारित व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। ऐप तकनीकी रूप से भी सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा है, जिससे शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
'मोदी की गारंटी' और चुनावी वादों का किया जिक्र
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के नाम पर शिक्षकों और कर्मचारियों से कई महत्वपूर्ण वादे किए थे। प्रदेश सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के बावजूद शिक्षकों की प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इसके विपरीत नए नियम और ऑनलाइन प्रक्रियाओं का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
26 से अधिक मोबाइल ऐप्स से बढ़ी परेशानी
संगठन ने आरोप लगाया कि वर्तमान में शिक्षकों को पढ़ाई के साथ-साथ अनेक ऑनलाइन कार्यों का भी दबाव झेलना पड़ रहा है। मोबाइल में 26 से अधिक सरकारी ऐप्स के माध्यम से लगातार जानकारी भरने और रिपोर्टिंग के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है तथा शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।
15 जुलाई को रायपुर में होगा शक्ति प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा 15 जुलाई को राजधानी रायपुर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। जागरूक शिक्षक संघ ने इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए प्रदेशभर के शिक्षक एलबी संवर्ग से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यदि अब भी मांगों पर गंभीर पहल नहीं हुई तो आगे आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।