15 जुलाई के शिक्षक आंदोलन को जागरूक शिक्षक संघ का खुला समर्थन, बोले जाकेश साहू—"अऊ नई सहिबो... अब आंदोलन करके रहीबो"
रायपुर। प्रदेश में 15 जुलाई को प्रस्तावित शिक्षक आंदोलन को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। अब छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने भी छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के आंदोलन को खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। उन्होंने कहा, "अऊ नई सहिबो... अब हड़ताल/ करके रहीबो।"
संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाड़ेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू सहित प्रदेश कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेशभर के शिक्षक एलबी संवर्ग से 15 जुलाई को रायपुर में होने वाले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का समाधान, प्रथम सेवा की गणना करते हुए क्रमोन्नति, पेंशन सहित सभी सेवा लाभ, लंबित मांगों का निराकरण और शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। 20 से 25 वर्ष की सफल सेवा के बाद किसी कर्मचारी से दोबारा परीक्षा की अपेक्षा करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में आवश्यक कानूनी संशोधन करने की मांग भी उठाई।
संघ ने वीएसके ऐप को भी अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के अनेक ग्रामीण और दूरस्थ स्कूलों में मोबाइल नेटवर्क तक उपलब्ध नहीं है, ऐसे में ऐप आधारित व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। तकनीकी खामियों के कारण भी शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जागरूक शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षकों और कर्मचारियों से कई वादे किए थे, लेकिन सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के बाद भी शिक्षकों की प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हो सका है। इसके विपरीत लगातार नए नियम और ऑनलाइन कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों को 26 से अधिक मोबाइल ऐप पर कार्य करना पड़ रहा है, जिससे पढ़ाई का समय प्रभावित होने के साथ मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इन्हीं समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने 15 जुलाई को रायपुर में एक दिवसीय आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। जागरूक शिक्षक संघ ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए प्रदेशभर के शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में राजधानी पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि 15 जुलाई का शिक्षक आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है।