शादी का सपना दिखाकर महीनों तक करता रहा शारीरिक शोषण, युवती की शिकायत के 24 घंटे के भीतर रायगढ़ पुलिस ने आरोपी को दबोचा
रायगढ़, 09 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने के मामले में आरोपी को शिकायत दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित "अभियान संवेदना" के अंतर्गत की गई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय युवती ने 07 जुलाई 2026 को थाना पूंजीपथरा पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि अक्टूबर 2025 में अपने जन्मदिन के अवसर पर सहेली के घर जाने के दौरान उसकी मुलाकात शेखर बघेल से हुई थी। परिचय के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आरोपी ने लगातार प्रेम का इजहार करते हुए शादी करने तथा जीवनभर साथ निभाने का भरोसा दिया।
पीड़िता के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को आरोपी उसे मिलने के बहाने अपने साथ मोटरसाइकिल से गेरवानी स्थित घर ले गया। वहां उसने पत्नी बनाकर रखने और जल्द विवाह करने का विश्वास दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी लगातार उसे पत्नी की तरह अपने साथ रखता रहा और विवाह का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा।
समय बीतने पर जब युवती ने विवाह करने की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इतना ही नहीं, उसने विवाद करना शुरू कर दिया और कई बार मारपीट भी की। अंततः 03 जुलाई 2026 को आरोपी ने गाली-गलौज और मारपीट कर युवती को घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के पास पहुंची और न्याय के लिए पुलिस की शरण ली।
शिकायत के आधार पर थाना पूंजीपथरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 161/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण जिला अस्पताल में कराया और तत्काल आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शेखर बघेल (20 वर्ष) को उसके गेरवानी स्थित निवास से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक संध्यारानी कोका, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, आरक्षक विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल एवं चंद्रशेखर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।