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अभियान संवेदना' के तहत कोतरारोड़ पुलिस की बड़ी कामयाबी, दो माह से लापता नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कोतरारोड़ थाना पुलिस ने अप्रैल माह से लापता नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब करते हुए उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को बालिका के पिता ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 अप्रैल की रात उनकी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई थी। परिवार और रिश्तेदारों द्वारा काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई गई, जिस पर थाना कोतरारोड़ में अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस को पहले बालिका के में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम वहां रवाना होने की तैयारी कर रही थी कि इसी बीच लोकेशन बदलकर पहुंच गई। लगातार बदलते लोकेशन के बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी निगरानी जारी रखी।

आखिरकार 26 जून 2026 को पुलिस टीम ने रायगढ़ जिले के कोड़ातराई क्षेत्र में दबिश देकर नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। बालिका आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू (19 वर्ष) के कब्जे में मिली। महिला पुलिस अधिकारी द्वारा लिए गए कथन में बालिका ने बताया कि आरोपी शादी का झांसा देकर उसे विशाखापट्टनम और संबलपुर ले गया तथा उसके साथ शारीरिक शोषण किया।

बालिका के बयान और विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में एसएसपी के निर्देशन तथा डीएसपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर, पीएसआई क्षितिज देवांगन, एएसआई मनमोहन बैरागी एवं आरक्षक राजेश खांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस के लिए प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा और प्रत्येक परिवार का विश्वास सर्वोपरि है। "अभियान संवेदना" के तहत गुम बालक-बालिकाओं की शीघ्र सकुशल बरामदगी और उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

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