शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने वाला आरोपी सक्ती से गिरफ्तार, रायगढ़ महिला थाना की त्वरित कार्रवाई, एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में भेजा गया जेल
रायगढ़, 26 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे 'अभियान संवेदना' के तहत महिला थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण माना जा रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय पीड़िता ने महिला थाना रायगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में निजी वित्तीय कंपनी से ऋण लेने के दौरान उसकी पहचान कंपनी में फाइनेंसर के रूप में कार्यरत हितेश कुमार केवट से हुई थी। लोन संबंधी कार्य के सिलसिले में आरोपी का पीड़िता के घर आना-जाना शुरू हुआ। इसी दौरान आरोपी ने विवाह करने का भरोसा दिलाकर रायगढ़ स्थित किराए के मकान में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता का आरोप है कि अप्रैल 2026 में उसे जानकारी मिली कि हितेश कुमार की शादी किसी अन्य युवती से तय हो गई है। इसके बाद वह आरोपी के घर पहुंची और उसके परिजनों से विवाह के संबंध में बातचीत की, लेकिन आरोपी ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया।
शिकायत के आधार पर महिला थाना रायगढ़ ने तत्काल अपराध क्रमांक 59/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत मामला कायम किया।
महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया, जिसके बाद डीएसपी उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी हितेश कुमार केवट (26 वर्ष), पिता गौतम प्रसाद केवट, निवासी ग्राम कांसा, थाना डभरा, जिला सक्ती को हिरासत में लिया।
पूछताछ, चिकित्सीय परीक्षण एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे तथा महिला थाना रायगढ़ के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।