लैलूंगा हाट में झपटमारी करने वाला अंतरजिला गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे, महिला जवान की सतर्कता से खुला लाखों की वारदातों का राज
लैलूंगा, 15 जून। रायगढ़ जिले के लैलूंगा साप्ताहिक बाजार में महिलाओं और ग्रामीणों को निशाना बनाकर झपटमारी एवं पाकेटमारी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों—पांच महिलाओं और एक पुरुष—को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सोने की चैन, इको वाहन और मोबाइल फोन सहित करीब 8 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है।
घटना 13 जून की है, जब लैलूंगा की सेवानिवृत्त शिक्षिका मरियम टोप्पो (67 वर्ष) अपने पति के साथ साप्ताहिक बाजार में सब्जी खरीदने पहुंची थीं। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनके गले से सोने की चैन झपट ली। घटना के तुरंत बाद बाजार में तैनात पुलिस जवान सक्रिय हो गए और महिला आरक्षक पूनम साहू ने ग्रामीणों की मदद से संदिग्ध महिला मंगरीता गिरी को पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र से इको वाहन में सवार होकर लैलूंगा पहुंचे थे और भीड़भाड़ वाले बाजारों व मेलों में संगठित तरीके से चोरी, पाकेटमारी और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक गिरी को भी हिरासत में लिया, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर रायगढ़ पुलिस ने जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रातभर अभियान चलाया। दबिश देकर जशपुर से गिरोह की अन्य चार महिला सदस्यों—रीला गिरी, राजमोहनी उर्फ ठोली, सोनम गिरी और उर्मिला गिरी—को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उनके कब्जे से पीड़िता की करीब 18 ग्राम वजनी सोने की चैन, घटना में प्रयुक्त इको वाहन (CG 30 J 8035) तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।
मामले में थाना लैलूंगा में अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एसएसपी का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि ग्रामीण हाट-बाजारों में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ का फायदा उठाकर अपराध करने वाले गिरोहों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जाएगा और ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, आरक्षक विनोद कुजूर, शशिभूषण उरांव, उमेश साय, महिला आरक्षक पूनम साहू, लीलावती उरांव सहित साइबर सेल रायगढ़ तथा जशपुर-अंबिकापुर पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।